सोमवार, २८ जुलै, २००८

अर्ज किया है

वो यारों की महफिल वो मुस्कराते पल,
दिलसे जुडा है अपना बिता हुआ कल |
कभी गुजरती थी जिंदगी वक्त बिताने मे,
अब वक्त गुजर जाता है, चंद कागज के नोट कमाने मे ||

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